2nd International Conference on Fostering Interdisciplinary Research In Health Sciences (ICFIRHS) 2019 (01-May-2019)        | Manuscript Submission--Author (s) are requested to submit their valuable manuscript by online submission gate way . Pl do not upload the manuscript at email id of journals. (20-Dec-2016)        |

Volume No. :   6

Issue No. :  2

Year :  2018

Pages :  187-189

ISSN Print :  2347-5145

ISSN Online :  2454-2687


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दीपा देवांगन, के. एल. टांडेकर



Address:   डॉ. शबनूर सिद्दीकी
प्राध्यापक, इतिहास शास. पं. श्यामाचरण शुक्ल महाविद्यालय, धरसींवा ’ब्वततमेचवदकपदह ।नजीवत म्.उंपसरू
DOI No:

ABSTRACT:
छत्तीसगढ़ में 19वीं शताब्दी में सामाजिक और आर्थिक जीवन का इतनी तेजी से परिवर्तन हुआ की जनसाधारण भाग्यवादी बन गये। भौगोलिक संरचना ने प्रदेश को प्राकृतिक सुरक्षा दी और प्रांगण मे ंहमें आदिवासियों की अनोखी रीति-नीति दिखाई दी और जब मैदानी क्षेत्र के लोग मिले तो सभ्यता मिली-जुली हो गई।
KEYWORDS:
छत्तीसगढ़, ग्राम्य समाज
Cite:
शबनूर सिद्दीकी. दीपा देवांगन, के. एल. टांडेकर .Int. J. Rev. and Res. Social Sci. 2018; 6(2):187-189.
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