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Volume No. :   6

Issue No. :  2

Year :  2018

Pages :  131-138

ISSN Print :  2347-5153

ISSN Online :  2454-2679


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मुरिया जनजाति में तत्वदृष्टि एवं जीवनदृष्टि: दार्शनिक आयाम



Address:   Dr. Nister Kujur
Associate Professor, School of Studies in Sociology, Pt. Ravishankar Shukla University, Raipur (C.G.)- 492010.
*Corresponding Author
DOI No:

ABSTRACT:
जनजाति जीवन शैली में तत्वदृष्टि और जीवनदृष्टि का गहरा संबंध है सामान्यतः जनजाति जीवन विवि के जो तत्व दिखायी पड़ता है वह जीवन दृष्टि है और यह जीवन दृष्टि तत्वदृष्टि दिशानिर्देशित होता है दूसरे शब्दों में कहें तो जनजातीय जीवन शैली तत्वदृष्टि का ही प्रकटीकरण है। जनजातीय समुदाय में कई सांस्कृति प्रतिमान एवं मान्यताएं है जिसके आधार पर जनजातीय समुदाय के रहन-सहन, खान-पान, तीज-त्यौहार, खेती कार्य सांस्कृतिक गतिविधियां आदि क्रिया कर्म में आज भी तत्व दृष्टि प्रासंगिक बना हुआ है। किन्तु आधुनिक बेतहासा औद्योगिकीकरण एवं वैश्वीकरण की प्रक्रिया ने जनजातीय तत्व दृष्टि को बाधित किया है ।
KEYWORDS:
ज्ञम्ल् ॅव्त्क्ैरू डनतपं ज्तपइेए म्जीवे ंदक म्पकवेण् ।ज्ञम्ल् ॅव्त्क्ैरू डनतपं ज्तपइेए म्जीवे ंदक म्पकवेण् ।
Cite:
Nister Kujur. मुरिया जनजाति में तत्वदृष्टि एवं जीवनदृष्टि: दार्शनिक आयाम. Int. J. Ad. Social Sciences. 2018; 6(2):131-138.
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